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) तू निश्चय तो कर, कदम तो उठा! निकल आएगा कोई रास्ता- श्रीकांत जाधव
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) तू निश्चय तो कर, कदम तो उठा! निकल आएगा कोई रास्ता- श्रीकांत जाधव 

(आजाद टीवी न्यूज़ के लिए हरजीत सिंह की रिपोर्ट ) तू निश्चय तो कर, कदम तो उठा! निकल आएगा कोई रास्ता- श्रीकांत जाधव
अम्बाला जिला में प्रयास संस्था की कार्यकारिणी का गठन हुआ
अम्बाला. हरियाणा प्रान्त में बढ़ रहे नशे के प्रति जागरूकता अभियान के लिए प्रयास संस्था शाखा अम्बाला का गठन किया गया. अंबाला छावनी में प्रयास संस्था की प्रथम बैठक आयोजित की गई जिसमें डॉ. सुरेश देसवाल जी को प्रधान, श्री चेत राम बैनीवाल जी को महासचिव, डॉ. सोनिका महिला प्रधान, कु. मनीषा महिला महासचिव, उप प्रधान अशोक शर्मा जी को कार्य संचालन के लिए बनाया गया है। हरियाणा नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो हरियाणा के उप निरीक्षक एवं प्रयास संस्था के संयोजक के रूप में कार्यरत डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो प्रमुख श्री श्रीकांत जाधव साहब के नेतृत्व में प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध छेड़े गए अभियान का आज अम्बाला में भी शुभारम्भ हो गया है। आईपीएस जाधव की देखरेख में शुरु हुई प्रयास संस्था की इकाई का यहां गठन किया गया। अम्बाला में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रयास के बैैनर तले जिले में नशे को जड़मूल से नष्ट करने का संकल्प लिया गया। श्रीकांत जाधव प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिए प्रदेश के हर जिले में प्रयास संस्था शाखाएं गठित करवा रहे हैं। अब तक फतेहाबाद, सिरसा, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, हांसी और पानीपत में संस्था गठित की जा चुकी है और आज अम्बाला में यह पुनीत कार्य हुआ। ‘तू निश्चय तो कर,कदम तो उठा! निकल आएगा कोई रास्ता…ये सिर्फ पंक्तियां ही नहीं बल्कि प्रयास संस्था की ही कहानी है। आईपीएस श्रीकांत जाधव वर्ष 1999 में जब फतेहाबाद में एसपी थे तब उनके नेतृत्व में फतेहाबाद जिले में नशे को खत्म करने के उद्देश्य से प्रयास संस्था का गठन किया गया था। हर सप्ताह गांवों, कस्बों व शहरों में नशामुक्ति कैंप का आयोजन किया जाता था और नुक्कड़ नाटक के द्वारा लोगों को नशा मुक्ति के बारे में जागरूक किया जाता था। इन कैंपों में नशे से ग्रसित लोगों को 15 दिन तक दवाई दी जाती थी और उनके ईलाज का पूरा ध्यान रखा जाता था। नशा करने वाले लोगों को इकट्ठा करके उन्हें नशा छोडऩे की शपथ दिलाई जाती थी। बाद में गुप्त सूत्रों से पता लगाकर नशा छोडऩे वाले व्यक्ति को 7-8 हजार रूपये, घर का जरूरी सामान, प्रोत्साहन देकर सम्मानित किया जाता था। जो लोग नहीं मानते थे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते थे। श्रीकांत जाधव जब तक फतेहाबाद के एसपी थे। उन्होंने पूरे जिले को नशामुक्त कर दिया था। उनकी जांबाज कार्यों से नशे का कारोबार करने वालों में भय का माहौल बन गया था। उनकी प्रयास संस्था को चलते हुए 22 साल हो गए, इस दौरान उनकी पोस्टिंग जहां भी रही उन्होंने समय समय पर इस संस्था का मार्गदर्शन किया। अब जैसे ही एडीजीपी जाधव जी को हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का चीफ नियुक्त किया गया उन्होंने नशे को जड़ से दूर करने के लिए इस संस्था को एक्टिव किया और प्रदेशभर में इसकी शाखाएं स्थापित करने की मुहिम छेड़ दी है।

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