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बेटी करती है अपने पिता से शादी और बनती है अपनी ही मां की सौतन……

दुनियाभर में शादी को लेकर अजीबो-गरीब और अलग-अलग परम्पराएं है। जितने तरह के धर्म और जनजातियां है उतनी ही तरह की शादियों के अजीबो-गरीब परम्‍पराएं। आमतौर पर देखा जाता है कि लड़की की शादी उसके पसंद के लड़के से होती है या फिर उसके परिवार वाले उसके लिए वर ढूंढते हैं। पर क्या आप यकीन करेंगे कि बेटी अपने ही पिता से शादी करेगी ? सुनने में ये भले ही अटपटा हो लेकिन यह सच है कि ऐसा एक देश है जहां बेटियां बचपन से ही अपने पिता से शादी करने का सपना देखती हैं।

यह अजीबोगरीब परंपरा बांग्लादेश के दक्षिण पूर्व माधोपुर जंगलों में रहने वाली मंडी प्रजाति की है। यहां बेटियों की शादी अपने ही पिता से करवाई जाती है ताकि उनका समुदाय बचा रहें और महिलाओं की रक्षा हो सके। हालांकि, बदलते वक्त के साथ इस समुदाय के लोगों ने अब इस परंपरा को मानने से इंकार कर दिया है। इस जनजाति की एक 15 साल की लड़की ओरोला का कहना है कि जब वह छोटी थी तभी उसके पिता की मौत हो गयी थी। जिसके बाद उसकी मां ने दूसरी शादी की और तबसे उसने अपने दूसरे पिता को पति के रूप में देखना शुरु कर दिया था। इस समय ओरोला के अपने पिता से 3 बच्चे हैं और उसकी मां को 2 बच्चे हैं।

क्या है यह परंपरा:- इस विचित्र परम्परा को अपनाने के पीछे समुदाय का तर्क है कि इस परंपरा को तब अपनाया जाता है जब किसी महिला का पति कम उम्र में ही चल बसता है। ऐसी स्थिति में महिला को अपनी पति के ही खानदान में से किसी कम उम्र के आदमी से शादी करनी होती है। ऐसे में नए पति की शादी उसकी होने वाली पत्नी की बेटी के साथ भी एक ही मंडप में करवा दी जाती है। माना जाता है कि कम-उम्र का पति नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों की सुरक्षा एक लंबे वक्त तक कर सकता है।

महिलाओं की सुरक्षा और संपति के लिए इस जनजाति के लोगों का कहना है कि इस रिवाज के पीछे का मकसद संपति बंटवारे को रोकने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा करना है इसलिए बेटी की पिता से शादी इसी व्यवस्था का हिस्सा है। एक घर में मां और बेटी का सौतन बनकर रहना बहुत मुश्किल काम होता है इस वजह से उनके रिश्‍ते में दरार भी आ जाती है। हालांकि, यहां कि लड़कियां अब इस परंपरा का विरोध कर रही हैं क्योंकि उनके लिए यह एक रुढि़वादी और महिलाओं को झकझोर देने वाली प्रथा है। यह परंपरा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।

 

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