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क्यों.महिलायें जो शर्ट पहनती है उसमे जेब नहीं होते….

महिलायें जो शर्ट पहनती है उसमे जेब नहीं होते हैं। इसके अलावा भी महिलाओं के कपड़े इस तरह से डिजायन किये जाते हैं जिसमे जेबें नहीं होती है। लेकिन, क्या आपको मालूम है कि ये सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं है बल्कि ये एक मानसिकता है। बताया जा रहा है कि बीते जमाने से ही ये चलन चलता आ रहा है। पहले ये माना जाता था कि अगर जेब होगी तो महिलाएं अपनी जेब में कुछ न कुछ तो ज़रूर रखेंगी जिससे उनके शरीर की बनावट उभरी सी दिखाई देगी।

आपको ये भी सुनकर हैरानी होगी की उस समय महिलाओं का काम सिर्फ सुन्दर दिखने का ही समझा जाता था। यही वजह है कि महिलाओं की शर्ट में जेब नहीं दी जाती थी और ये क्रेज आगे बढ़ता गया। तो आइये हम आपको जेब नहीं होने के बारे में एक और जरुरी बात बताते हैं। पहले कहा जाता था कि महिलाओं का काम सिर्फ सुंदर दिखने का है लेकिन, इसे लेकर धीरे-धीरे महिला संगठनों ने आवाज उठाई। खासकर इसे लेकर यूरोप के देशों में महिला संगठनों ने आंदोलन चलाया जिसका नाम है ‘गिव अस पॉकेट’।इस आंदोलन के जरिये महिला संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद किया है, इस आंदोलन ने काफी जोर भी पकड़ा था। लेकिन, बाद में फैशन इंडस्ट्री ने इस आंदोलन को गलत करार दे दिया। हालांकि, इस आंदोलन का एक फायदा ये हुआ कि आप महिलाओं के कपड़े का बदला हुआ ट्रेंड देख सकते हैं। चाहे तो शर्ट की बात करें या फिर जींस की। हर कपड़े में आपको जेब दिखेगी। तो यही है वो मुख्य वजह जिसके कारण महिला के कपड़ों में जेब नहीं दी जाती थी……

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